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Car - new TATA Sierra

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  टाटा मोटर्स ने अपनी आइकोनिक कार 'सिएरा' (Tata Sierra) को एक बिल्कुल नए अवतार में पेश किया है। यह कार भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में पुराने दौर की यादों (Nostalgia) और भविष्य की तकनीक (Modern Tech) का एक अद्भुत संगम है। नवंबर 2025 में इसके लॉन्च के बाद से ही यह चर्चा का विषय बनी हुई है। चूंकि आप एक SUV प्रेमी हैं और ₹10 लाख के आसपास का बजट देख रहे हैं, तो सिएरा का बेस मॉडल आपके लिए एक विचारणीय विकल्प हो सकता है, हालांकि इसके प्रीमियम फीचर्स और इलेक्ट्रिक वेरिएंट की कीमतें थोड़ी अधिक हैं। नीचे नई टाटा सिएरा की विस्तृत जानकारी दी गई है: 1. डिजाइन और लुक (Exterior Design) नई टाटा सिएरा का सबसे आकर्षक पहलू इसका 'रिट्रो-मॉडर्न' लुक है। आइकोनिक विंडो: इसमें पुरानी सिएरा की तरह ही पीछे की तरफ 'रैप-अराउंड' (Wraparound) ग्लास एरिया दिया गया है, जो इसे दूसरी SUVs से अलग बनाता है। LED लाइटिंग: सामने की ओर एक लंबी LED DRL स्ट्रिप दी गई है जो कार की पूरी चौड़ाई में फैली हुई है। पीछे भी कनेक्टेड LED टेल लैम्प्स मिलते हैं। मस्कुलर स्टांस: इसमें 19-इंच के बड़े अलॉय व्हील्स, शानदार...

बजट 2026

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  भारत का केंद्रीय बजट 2026-27 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी, 2026 को पेश किया गया। यह बजट 'विकसित भारत @ 2047' के लक्ष्य की ओर एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें बुनियादी ढांचे (Infrastructure), विनिर्माण (Manufacturing), और मध्यम वर्ग को राहत देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। ​यहाँ बजट 2026 की विस्तृत जानकारी, प्रमुख घोषणाएं और बाजार पर इसके प्रभाव का पूरा विवरण दिया गया है। ​1. बजट 2026 की मुख्य विशेषताएं (Key Highlights) ​सरकार ने इस बजट में राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को कम करने और विकास दर को बढ़ाने के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। ​ राजकोषीय लक्ष्य: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 4.3% रखा गया है। ​ कैपेक्स (Capex) में वृद्धि: इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च को बढ़ाकर लगभग ₹12.4 लाख करोड़ किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10.3% अधिक है। ​ मध्यम वर्ग और टैक्स: नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए स्लैब में बदलाव और स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि की गई है। ​ आत्मनिर्भर भारत और रक्षा: रक्षा क्षेत्र के...

Jio New Smartphone का सच क्या है 420MP Camera

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  जिस Jio स्मार्टफोन के बारे में आप पूछ रहे हैं (420MP कैमरा और 7700mAh बैटरी), उसके बारे में सोशल मीडिया और कुछ अनऑफिशियल वेबसाइट्स पर काफी चर्चा है। यहाँ इसकी सच्चाई और उपलब्ध विवरण दिए गए हैं: क्या यह सच है या अफवाह? सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है कि Reliance Jio ने आधिकारिक तौर पर ऐसे किसी फोन की घोषणा नहीं की है। वर्तमान में मोबाइल टेक्नोलॉजी के हिसाब से ₹9,999 या किसी भी बजट सेगमेंट में 420MP कैमरा और 7700mAh की बैटरी देना तकनीकी रूप से संभव नहीं लग रहा है। दुनिया के सबसे महंगे फ्लैगशिप फोंस में भी अभी अधिकतम 200MP तक के कैमरे देखे गए हैं। यह जानकारी अधिकतर फेक न्यूज़ या 'Clickbait' (भ्रामक खबरों) का हिस्सा है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। वायरल हो रहे दावे (Details in Circulation): इंटरनेट पर जो विवरण शेयर किया जा रहा है, वह कुछ इस प्रकार है: कैमरा: 420MP का मुख्य रियर कैमरा (दावा किया जा रहा है)। बैटरी: 7700mAh की बड़ी बैटरी। कीमत: लगभग ₹9,999। डिस्प्ले: 6.5 से 6.7 इंच की Full HD+ डिस्प्ले। प्रोसेसर: 5G सपोर्ट वाला कोई बजट प्रोसेसर। सच्चाई और असली Jio Phones: अगर ...

al kholood vs al-nassr

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 The clash between Al-Kholood and Al-Nassr represents one of the most intriguing narratives in the Saudi Pro League—the story of a rising underdog testing its mettle against a global footballing powerhouse. While Al-Nassr carries the weight of history and international stardom, Al-Kholood brings the grit of a club that has fought its way to the top tier for the first time. 1. Al-Nassr: The Global Titans Based in Riyadh, Al-Nassr is no longer just a local club; it is a global brand. Since the landmark signing of Cristiano Ronaldo, the "Knights of Najd" have become the face of the Saudi football revolution. The Squad: Beyond Ronaldo, the team features elite European talent including Sadio Mané, João Félix, and Kingsley Coman. Tactical Approach: Under their current management, Al-Nassr employs a high-intensity, possession-based style. They focus on wide play, utilizing the pace of their wingers to feed Ronaldo in the box. 2. Al-Kholood: The Newcomers from Ar Rass Al-Kholood made...

al kholood vs al-nassr

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  अल-खोलूद और अल-नसर के बीच का मुकाबला सऊदी प्रो लीग (RSL) के उन मैचों में से एक है जो 'डेविड बनाम गोलियथ' की कहानी बयां करता है। एक तरफ अल-नसर है, जो न केवल सऊदी अरब बल्कि दुनिया के सबसे अमीर और चर्चित क्लबों में से एक है, और दूसरी तरफ अल-खोलूद है, जिसने हाल ही में फुटबॉल के इस शीर्ष स्तर पर अपनी जगह बनाई है। ​30 जनवरी 2026 को हुए इनके नवीनतम मुकाबले के संदर्भ में, यहाँ इस प्रतिद्वंद्विता और दोनों क्लबों का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: ​1. अल-नसर: नजद के शूरवीर (The Knights of Najd) ​अल-नसर केवल एक फुटबॉल क्लब नहीं है, बल्कि यह सऊदी फुटबॉल के पुनर्जागरण का प्रतीक है। 1955 में स्थापित इस क्लब ने तब वैश्विक सुर्खियां बटोरीं जब इसने क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ अनुबंध किया। ​ प्रमुख खिलाड़ी: वर्तमान टीम में रोनाल्डो के अलावा सादियो माने, जोआओ फेलिक्स (जो इस समय शानदार फॉर्म में हैं), और किंग्सले कोमान जैसे विश्व स्तरीय सितारे शामिल हैं। ​ रणनीति: कोच जॉर्ज जीसस के नेतृत्व में टीम आक्रामक फुटबॉल खेलती है। 30 जनवरी के मैच में भी टीम ने 3-0 की जीत दर्ज की, जिसमें जोआओ फेलि...

Amitabh Bachchan - Biography

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  सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का जीवन केवल एक अभिनेता की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, असफलता, अभूतपूर्व सफलता और पुनरुत्थान की एक महागाथा है। 11 अक्टूबर, 1942 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में जन्मे अमिताभ ने भारतीय सिनेमा को वह पहचान दी, जिसे आज पूरी दुनिया 'बॉलीवुड' के नाम से जानती है। यहाँ उनके जीवन का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि अमिताभ बच्चन का जन्म प्रसिद्ध हिंदी कवि डॉ. हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन के घर हुआ था। उनके पिता कायस्थ परिवार से थे और माता एक सिख परिवार से थीं। नाम का रहस्य: शुरुआत में उनका नाम 'इंकलाब' रखा गया था, जो स्वतंत्रता संग्राम के नारे 'इंकलाब जिंदाबाद' से प्रेरित था। हालांकि, बाद में उनके पिता के साथी कवि सुमित्रानंदन पंत के सुझाव पर उनका नाम 'अमिताभ' (जिसका अर्थ है- कभी न मिटने वाली चमक) रखा गया। उपनाम: उनका वास्तविक उपनाम 'श्रीवास्तव' था, लेकिन उनके पिता ने 'बच्चन' को अपने पेन नेम (लेखन नाम) के रूप में इस्तेमाल किया, जो बाद में पूरे परिवार की पहचान बन गया। 2. शिक्षा और शुरुआती सं...

सिकंदर - Biography

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  सिकंदर महान (Alexander the Great) का इतिहास विश्व के सबसे प्रभावशाली और साहसी सेनापतियों में से एक का है। मात्र 33 वर्ष के जीवनकाल में उन्होंने एक ऐसा विशाल साम्राज्य खड़ा किया, जो यूनान से लेकर भारत की सीमाओं तक फैला हुआ था। ​यहाँ सिकंदर की विस्तृत जीवनी दी गई है: ​ 1. प्रारंभिक जीवन और जन्म ​सिकंदर का जन्म 356 ईसा पूर्व में मैसेडोनिया (Macedonia) की राजधानी पेला में हुआ था। उनके पिता फिलिप द्वितीय मैसेडोनिया के राजा थे और उनकी माता का नाम ओलंपियास था। ​बचपन से ही सिकंदर को एक असाधारण बालक माना जाता था। उनकी शिक्षा-दीक्षा का भार महान दार्शनिक अरस्तू (Aristotle) को सौंपा गया था। अरस्तू ने उन्हें साहित्य, राजनीति, नैतिकता और विज्ञान की शिक्षा दी। यही कारण था कि सिकंदर न केवल एक योद्धा थे, बल्कि कला और दर्शन के भी प्रेमी थे। ​ 2. राज्याभिषेक और सत्ता का संघर्ष ​336 ईसा पूर्व में जब सिकंदर के पिता फिलिप द्वितीय की हत्या कर दी गई, तब मात्र 20 वर्ष की आयु में सिकंदर को सिंहासन मिला। सत्ता संभालते ही उन्हें कई विद्रोहों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपनी सैन्य कुशलता से ...

पाब्लो एस्कोबार - दुनिया का सबसे अमीर माफिया

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  पाब्लो एमिमियो एस्कोबार गेविरिया—एक ऐसा नाम जिसने 1980 के दशक में पूरी दुनिया, खासकर कोलंबिया और अमेरिका की सरकारों की नींद उड़ा दी थी। उसे "कोकीन का राजा" (The King of Cocaine) कहा जाता था। ​यहाँ उनके जीवन का एक विस्तृत और गहन विश्लेषण दिया गया है, जो उनके उदय, उनके साम्राज्य और उनके पतन की कहानी बयां करता है। ​1. प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि ​पाब्लो एस्कोबार का जन्म 1 दिसंबर, 1949 को कोलंबिया के रियोनेग्रो में हुआ था। वह सात बच्चों में से तीसरे थे। उनके पिता एक साधारण किसान थे और माँ एक स्कूल शिक्षिका थीं। ​ अपराध की शुरुआत: एस्कोबार की आपराधिक प्रवृत्ति बचपन से ही दिखने लगी थी। कहा जाता है कि उन्होंने कब्रों से पत्थर (gravestones) चुराकर उन्हें रेतकर बेचने से अपने करियर की शुरुआत की थी। ​ छोटे अपराध: जल्द ही वह मेडेलिन की सड़कों पर कारों की चोरी, लॉटरी टिकट के जाली धंधे और अपहरण जैसे कामों में शामिल हो गया। वह हमेशा से कहता था कि अगर वह 22 साल की उम्र तक करोड़पति नहीं बना, तो वह खुदकुशी कर लेगा। ​2. मेडेलिन कार्टेल का उदय ​1970 के दशक के मध्य में, जब दुनिया भर...

रामप्रसाद बिस्मिल - Biography

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  राम प्रसाद बिस्मिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन महान क्रांतिकारियों में से एक थे, जिन्होंने अपनी कलम और पिस्तौल दोनों से ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी थी। वे केवल एक योद्धा ही नहीं, बल्कि एक उच्च कोटि के कवि, लेखक और अनुवादक भी थे। यहाँ उनके जीवन का विस्तृत परिचय दिया गया है: 1. जन्म और प्रारंभिक जीवन राम प्रसाद बिस्मिल का जन्म 11 जून 1897 को उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम मुरलीधर और माता का नाम मूलमती था। उनके पिता नगरपालिका में काम करते थे। बिस्मिल का बचपन अभावों में बीता, लेकिन उनकी माता के संस्कारों ने उन्हें बहुत प्रभावित किया। उन्होंने हिंदी और उर्दू की शिक्षा प्राप्त की। शुरुआत में उनका मन पढ़ाई में कम और बुरी आदतों (जैसे सिगरेट पीना) में अधिक लगता था, लेकिन स्वामी दयानंद सरस्वती की पुस्तक 'सत्यार्थ प्रकाश' पढ़ने के बाद उनके जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आया। वे ब्रह्मचर्य का पालन करने लगे और देश सेवा की ओर अग्रसर हुए। 2. क्रांतिकारी विचारधारा का उदय बिस्मिल के भीतर देशभक्ति की लौ तब प्रज्वलित हुई जब 1916 में कांग्रेस के लखनऊ अधिवेश...

नेताजी सुभाष चंद्र बोस - Biography

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  नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन महानायकों में से एक हैं, जिनका नाम आते ही रगों में देशभक्ति का संचार होने लगता है। "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा" का उद्घोष करने वाले नेताजी ने न केवल देश के भीतर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आजादी की अलख जगाई। ​यहाँ उनके जीवन का विस्तृत परिचय दिया गया है: ​ 1. जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि ​सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक शहर में हुआ था। उनके पिता का नाम जानकीनाथ बोस था, जो शहर के एक प्रसिद्ध और सफल वकील थे। उनकी माता प्रभावती देवी एक धार्मिक और अनुशासनप्रिय महिला थीं। ​सुभाष चंद्र अपने माता-पिता की 14 संतानों में से 9वीं संतान थे। उनके परिवार का माहौल काफी समृद्ध और शिक्षित था, जिसने उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ​ 2. शिक्षा और प्रारंभिक जीवन ​सुभाष चंद्र बचपन से ही मेधावी छात्र थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा कटक के रैवेनशॉ कॉलेजिएट स्कूल में हुई। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए कोलकाता चले गए, जहाँ उन्होंने प्रेसीडेंसी कॉलेज में दाखिला लिया। ​ स्व...

खुदीराम बोस - Biography

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  भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में खुदीराम बोस एक ऐसा नाम है, जो वीरता, त्याग और कम उम्र में मातृभूमि के लिए मर-मिटने के जज्बे का प्रतीक है। मात्र 18 साल की उम्र में फांसी के फंदे को चूमने वाले इस किशोर क्रांतिकारी ने सोए हुए भारत को जगाने का काम किया था। यहाँ खुदीराम बोस के जीवन, उनके संघर्ष और उनके बलिदान का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. जन्म और प्रारंभिक जीवन खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसंबर, 1889 को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के हबीबपुर गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम त्रैलोक्यनाथ बोस और माता का नाम लक्ष्मीप्रिया देवी था। उनके जन्म के समय उनके परिवार में एक अजीब-सी परंपरा निभाई गई। उनके माता-पिता की पहले की संतानें जीवित नहीं रही थीं, इसलिए खुदीराम के जन्म के बाद उनकी बड़ी बहन ने उन्हें प्रतीकात्मक रूप से तीन मुट्ठी खुदी (चावल के कण) देकर खरीदा था, ताकि उन्हें बुरी नजर न लगे। इसी 'खुदी' के कारण उनका नाम खुदीराम पड़ा। बचपन में ही उन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया, जिसके बाद उनकी बड़ी बहन अपरूपा देवी ने उनका पालन-पोषण किया। 2. क्रांतिकारी विचारधारा का उदय खुदीराम बो...

Huma Khan biography

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  हुमा खान 80 और 90 के दशक की एक जानी-मानी अभिनेत्री रही हैं, जिन्होंने 'मैंने प्यार किया' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया। उनका जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा है—शोहरत की ऊंचाइयों से लेकर निजी जीवन के कठिन संघर्षों तक। ​नीचे हुमा खान की जीवनी और उनके जीवन के प्रमुख पहलुओं का विवरण दिया गया है: ​ प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि ​हुमा खान का जन्म 24 दिसंबर, 1954 (कुछ स्रोतों के अनुसार 1960 के दशक की शुरुआत) में पाकिस्तान में हुआ था। उनके पिता, गुलाम फरीद खान, स्टील के व्यवसाय से जुड़े थे और उनकी माता, सईदा बेगम, अपने समय की एक अभिनेत्री थीं। हुमा की एक बड़ी बहन, नायमा भी पाकिस्तान की मशहूर अभिनेत्री रही हैं। ​पारिवारिक पृष्ठभूमि फिल्मी होने के कारण हुमा का रुझान बचपन से ही अभिनय की ओर था। उन्होंने पाकिस्तान में एक बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। ​ बॉलीवुड में करियर की शुरुआत ​अभिनय की दुनिया में बड़ा नाम कमाने की चाहत हुमा को 17 साल की उम्र में अपनी माँ के साथ भारत (मुंबई) ले आई। हालांकि उनके पिता इस फैसले के पक्ष में नहीं थे। मुंबई आने के बाद उन...

परवीन बॉबी - बायोग्राफी

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  परवीन बॉबी भारतीय सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में से एक थीं, जिन्होंने अपनी आधुनिकता, पश्चिमी लुक और बेहतरीन अभिनय से 70 और 80 के दशक में बॉलीवुड की परिभाषा बदल दी थी। उनकी कहानी जितनी चमक-धमक वाली थी, उसका अंत उतना ही दुखद और अकेला रहा। ​यहाँ परवीन बॉबी के जीवन का विस्तृत विवरण दिया गया है: ​ प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ​परवीन बॉबी का जन्म 4 अप्रैल 1949 को गुजरात के जूनागढ़ में एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके पिता, वली मोहम्मद बॉबी, जूनागढ़ के नवाब के दरबार में एक उच्च अधिकारी थे। उनके माता-पिता की शादी के 14 साल बाद उनका जन्म हुआ था, इसलिए वे अपने माता-पिता की इकलौती और बहुत लाड़ली संतान थीं। ​उनकी शुरुआती शिक्षा औरंगाबाद में हुई और बाद में उन्होंने अहमदाबाद के सेंट जेवियर्स कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में बी.ए. किया। वे बचपन से ही काफी आत्मविश्वासी और आधुनिक विचारों वाली थीं। ​ फिल्मी करियर की शुरुआत ​परवीन बॉबी का फिल्मी सफर किसी इत्तेफाक से कम नहीं था। 1972 में प्रसिद्ध निर्देशक बी.आर. इशारा की नजर उन पर तब पड़ी जब वे अहमदाबाद के एक क्लब में सिगरेट पी रही थीं। उ...

सिमी ग्रेवाल की जीवन गाथा

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  सिमी ग्रेवाल भारतीय सिनेमा और टेलीविजन की उन चुनिंदा शख्सियतों में से हैं, जिन्होंने ग्लैमर, शालीनता और बौद्धिकता का एक अनूठा संगम पेश किया। उन्हें 'लेडी इन व्हाइट' के नाम से जाना जाता है। ​यहाँ उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं, संघर्षों और उपलब्धियों का विस्तृत वर्णन है: ​1. प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि ​सिमी ग्रेवाल का जन्म 17 अक्टूबर, 1947 को लुधियाना, पंजाब के एक समृद्ध जाट सिख परिवार में हुआ था। उनके पिता जे.एस. ग्रेवाल भारतीय सेना में ब्रिगेडियर थे। सिमी का बचपन इंग्लैंड में बीता, जहाँ उन्होंने न्यूहैम कॉलेज, कैम्ब्रिज से अपनी शिक्षा पूरी की। ​विदेश में पलने-बढ़ने के कारण उनकी अंग्रेजी पर जबरदस्त पकड़ थी और उनके व्यवहार में एक खास तरह की नजाकत और पश्चिमी सभ्यता का असर था। बचपन से ही उन्हें फिल्मों का शौक था, लेकिन एक संभ्रांत सैन्य परिवार से होने के कारण उनका अभिनय की दुनिया में आना आसान नहीं था। ​2. बॉलीवुड में प्रवेश और संघर्ष ​15 साल की उम्र में सिमी भारत लौटीं। उनकी अंग्रेजी अच्छी थी, लेकिन हिंदी पर पकड़ कमजोर थी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी जिद और लगन से अभिनय की दुन...

ताजमहल - एक भारतीय भव्य धरोहर

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  ताजमहल भारत की सबसे प्रसिद्ध और खूबसूरत ऐतिहासिक धरोहर है। यह न केवल अपनी स्थापत्य कला (architecture) के लिए जाना जाता है, बल्कि यह प्रेम का एक अमर प्रतीक भी माना जाता है। ​यहाँ ताजमहल का विस्तृत इतिहास और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई हैं: ​1. ताजमहल का परिचय ​ताजमहल उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में यमुना नदी के तट पर स्थित एक सफेद संगमरमर का मकबरा है। इसे मुगल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी प्रिय पत्नी मुमताब महल की याद में बनवाया था। 1983 में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था। ​2. किसने और कब बनवाया? ​ निर्माता: मुगल बादशाह शाहजहाँ (मुगल वंश के पाँचवें सम्राट)। ​ निर्माण काल: ताजमहल का निर्माण कार्य 1631-32 में शुरू हुआ था। ​ समय सीमा: मुख्य मकबरे का निर्माण 1643 के आसपास पूरा हो गया था, लेकिन पूरे परिसर (बगीचे, मस्जिद, और गेस्ट हाउस) को पूरी तरह तैयार होने में 1653 तक का समय लगा। यानी इसे बनने में लगभग 22 साल लगे। ​3. क्यों बनाया गया? (ऐतिहासिक कारण) ​शाहजहाँ अपनी बेगम मुमताज महल से बेहद प्यार करते थे। 1631 में अपने 14वें बच्चे को जन्म देते समय ...