पाब्लो एस्कोबार - दुनिया का सबसे अमीर माफिया

 


पाब्लो एमिमियो एस्कोबार गेविरिया—एक ऐसा नाम जिसने 1980 के दशक में पूरी दुनिया, खासकर कोलंबिया और अमेरिका की सरकारों की नींद उड़ा दी थी। उसे "कोकीन का राजा" (The King of Cocaine) कहा जाता था।

​यहाँ उनके जीवन का एक विस्तृत और गहन विश्लेषण दिया गया है, जो उनके उदय, उनके साम्राज्य और उनके पतन की कहानी बयां करता है।

​1. प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि

​पाब्लो एस्कोबार का जन्म 1 दिसंबर, 1949 को कोलंबिया के रियोनेग्रो में हुआ था। वह सात बच्चों में से तीसरे थे। उनके पिता एक साधारण किसान थे और माँ एक स्कूल शिक्षिका थीं।

  • अपराध की शुरुआत: एस्कोबार की आपराधिक प्रवृत्ति बचपन से ही दिखने लगी थी। कहा जाता है कि उन्होंने कब्रों से पत्थर (gravestones) चुराकर उन्हें रेतकर बेचने से अपने करियर की शुरुआत की थी।
  • छोटे अपराध: जल्द ही वह मेडेलिन की सड़कों पर कारों की चोरी, लॉटरी टिकट के जाली धंधे और अपहरण जैसे कामों में शामिल हो गया। वह हमेशा से कहता था कि अगर वह 22 साल की उम्र तक करोड़पति नहीं बना, तो वह खुदकुशी कर लेगा।

​2. मेडेलिन कार्टेल का उदय

​1970 के दशक के मध्य में, जब दुनिया भर में ड्रग्स की मांग बढ़ रही थी, पाब्लो ने कोकीन के व्यापार की क्षमता को पहचाना।

  • कोकीन की शुरुआत: उसने पेरू और बोलीविया से कोका पेस्ट मंगाकर कोलंबिया में रिफाइन करना शुरू किया।
  • रसद और नेटवर्क: उसने ड्रग्स की तस्करी के लिए छोटे विमानों का एक नेटवर्क बनाया। शुरुआत में वह खुद भी विमान उड़ाकर अमेरिका (फ्लोरिडा) ड्रग्स पहुँचाता था।
  • साम्राज्य का विस्तार: उसने मेडेलिन कार्टेल की स्थापना की। अपने चरम पर, यह कार्टेल दुनिया की 80% कोकीन सप्लाई को नियंत्रित करता था।

​3. बेहिसाब दौलत और "रॉबिन हुड" की छवि

​पाब्लो एस्कोबार इतना अमीर हो गया था कि उसकी गिनती फोर्ब्स पत्रिका में दुनिया के सात सबसे अमीर व्यक्तियों में होने लगी।

  • कमाई का आँकड़ा: कहा जाता है कि वह हर हफ्ते लगभग 420 मिलियन डॉलर कमा रहा था। उसके पास इतना कैश था कि वह हर महीने 2,500 डॉलर सिर्फ उन नोटों की गड्डियों पर रबर बैंड चढ़ाने के लिए खर्च करता था।
  • चूहों का हिस्सा: उसके गोदामों में रखे लगभग 10% नोट हर साल चूहे कुतर देते थे या नमी से खराब हो जाते थे।
  • गरीबों का मसीहा: एस्कोबार ने अपनी छवि सुधारने के लिए मेडेलिन के गरीबों के लिए घर, स्कूल और फुटबॉल के मैदान बनवाए। इसी कारण उसे "पैसा (Don Pablo)" और "रॉबिन हुड" कहा जाने लगा।

​4. राजनीति में प्रवेश और पतन की शुरुआत

​पाब्लो सिर्फ अमीर नहीं, बल्कि शक्तिशाली बनना चाहता था। 1982 में, वह कोलंबिया की संसद (Chamber of Representatives) के लिए चुना गया।

  • न्याय का टकराव: कोलंबिया के न्याय मंत्री रोड्रिगो लारा ने एस्कोबार के आपराधिक इतिहास का पर्दाफाश किया, जिसके बाद पाब्लो को संसद छोड़नी पड़ी। बाद में पाब्लो ने लारा की हत्या करवा दी।
  • "Plata o Plomo": यह पाब्लो का सबसे प्रसिद्ध सिद्धांत था— "चांदी (रिश्वत) या सीसा (गोली)"। जो अधिकारी उसके रास्ते में आता, उसे या तो रिश्वत लेनी पड़ती या मरना पड़ता।

​5. हिंसा का दौर और 'ला कैटेड्रल'

​जब सरकार ने अमेरिका के साथ "प्रत्यर्पण संधि" (Extradition) की बात की, तो पाब्लो ने पूरे देश में आतंक मचा दिया। उसने सैकड़ों पुलिसकर्मियों, जजों और आम नागरिकों की हत्या करवाई।

  • विमान बम धमाका: उसने एविआंका फ्लाइट 203 को हवा में उड़ा दिया क्योंकि उसे लगा कि उसमें एक राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार सवार था।
  • जेल या महल?: 1991 में, उसने सरकार के सामने आत्मसमर्पण किया, लेकिन एक शर्त पर—वह अपनी खुद की जेल बनाएगा। उस जेल का नाम था "ला कैटेड्रल"। यह जेल कम और लग्जरी रिजॉर्ट ज्यादा थी, जहाँ से वह अपना धंधा चलाता रहा।

​6. अंत: चूहों की तरह पीछा

​1992 में जब सरकार ने उसे असली जेल में शिफ्ट करने की कोशिश की, तो वह भाग निकला। इसके बाद कोलंबियाई पुलिस की "सर्च ब्लॉक" और अमेरिकी DEA ने उसका पीछा शुरू किया।

  • लोस पेप्स (Los Pepes): एस्कोबार के दुश्मनों ने एक संगठन बनाया जिसने पाब्लो के वफादारों को मारना शुरू कर दिया।
  • अंतिम क्षण: 2 दिसंबर, 1993 को, अपने 44वें जन्मदिन के एक दिन बाद, पाब्लो को मेडेलिन के एक मध्यमवर्गीय इलाके में ट्रैक किया गया। छतों पर भागते हुए एक मुठभेड़ में उसे गोली मार दी गई।

​पाब्लो एस्कोबार का प्रभाव (Legacy)

​एस्कोबार की मौत के साथ मेडेलिन कार्टेल खत्म हो गया, लेकिन कोलंबिया में ड्रग्स का कारोबार नहीं रुका। आज भी उसे कुछ लोग एक हत्यारे के रूप में देखते हैं, तो कुछ उसे एक मसीहा मानते हैं जिसने गरीबों की मदद की।

​मुख्य आंकड़े:


पाब्लो एस्कोबार के बारे में यह कहानी काफी मशहूर है कि उसने अपनी बेटी को ठंड से बचाने के लिए नोट जलाए थे।
दावे के अनुसार, जब एस्कोबार अपने परिवार के साथ पहाड़ियों में छिपा हुआ था, तब उसकी बेटी मैनुएला (Manuela) को हाइपोथर्मिया (बहुत ज्यादा ठंड) से बचाने के लिए उसने लगभग 2 मिलियन डॉलर (करीब 20 लाख डॉलर) की नकदी जला दी थी।
इस घटना के बारे में कुछ मुख्य बातें:
स्रोत: इस बात का जिक्र पाब्लो एस्कोबार के बेटे, सेबस्टियन मार्रोक्विन (जिसे पहले जुआन पाब्लो एस्कोबार के नाम से जाना जाता था), ने 2009 में 'डॉन जुआन' पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में किया था।
कारण: उनके पास खाना पकाने और परिवार को गर्म रखने के लिए जलावन खत्म हो गया था, इसलिए आग जलाने के लिए नोटों का इस्तेमाल किया गया।
समय: यह उस समय की बात है जब एस्कोबार कोलंबियाई अधिकारियों और दुश्मनों से बचने के लिए भागा-भागा फिर रहा था।
क्या आप एस्कोबार के जीवन से जुड़ी किसी और घटना के बारे में जानना चाहते हैं?

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