UPI नियमों में 5 फरवरी से क्या बदलाव होने जा रहे हैं
5 फरवरी, 2026 से UPI (Unified Payments Interface) के नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव प्रभावी हो रहे हैं। NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) ने इन बदलावों को डिजिटल लेनदेन को अधिक सुरक्षित और तेज बनाने के उद्देश्य से लागू किया है।
यहाँ प्रमुख बदलावों की सूची दी गई है:
1. ट्रांजैक्शन की रफ्तार में बढ़ोतरी
अब UPI ट्रांजैक्शन और उससे जुड़े API रिस्पॉन्स की अधिकतम सीमा 10 सेकंड कर दी गई है। पहले यह समय सीमा 30 सेकंड थी। इसका मतलब है कि अब आपका पेमेंट पहले के मुकाबले बहुत तेजी से पूरा होगा और पीक ऑवर्स (भीड़ वाले समय) में ट्रांजैक्शन फेल होने की समस्या कम होगी।
2. बैलेंस चेक करने की दैनिक सीमा
अब आप अपने UPI ऐप (जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm) के जरिए दिन भर में अधिकतम 50 बार ही बैंक बैलेंस चेक कर पाएंगे। यह सीमा प्रति ऐप लागू होगी। अगर आप इससे ज्यादा बार बैलेंस चेक करने की कोशिश करेंगे, तो आपको 24 घंटे का इंतजार करना पड़ सकता है।
3. बैंक अकाउंट लिंकिंग की सीमा
सुरक्षा कारणों से, अब एक दिन में आप एक UPI ऐप पर अधिकतम 25 बार ही 'लिंक्ड अकाउंट्स' की लिस्ट देख या फेच (Fetch) कर पाएंगे। इससे बैंकिंग सर्वर पर बेवजह का बोझ कम होगा।
4. ऑटो-पे (Autopay) के लिए नया समय और नियम
नॉन-पीक ऑवर्स: EMI, SIP या OTT सब्सक्रिप्शन जैसे ऑटो-डेबिट ट्रांजैक्शन अब मुख्य रूप से नॉन-पीक ऑवर्स (सुबह 10 बजे से पहले और रात 9:30 बजे के बाद) में प्रोसेस किए जाएंगे।
रिट्राय (Retry) कैप: अगर कोई ऑटो-पे ट्रांजैक्शन फेल होता है, तो सिस्टम अब केवल 4 बार (1 ओरिजिनल + 3 रिट्राय) ही कोशिश करेगा।
5. निष्क्रिय (Inactive) UPI ID पर कार्रवाई
अगर आपकी कोई UPI ID पिछले 12 महीनों से इस्तेमाल नहीं हुई है, तो उसे सुरक्षा कारणों से निष्क्रिय (Deactivate) कर दिया जाएगा। इसे दोबारा शुरू करने के लिए आपको फिर से वेरिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा।
मुख्य नोट: सामान्य लेनदेन की सीमा अभी भी ₹1 लाख प्रति दिन है, लेकिन शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और IPO जैसे विशेष कामों के लिए इसे ₹5 लाख तक रखा गया है।

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