The impact of the budget on the stock market
आज यानी 1 फरवरी, 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए यूनियन बजट 2026 का शेयर बाजार पर मिला-जुला और काफी उतार-चढ़ाव वाला असर देखा गया है। बजट भाषण के दौरान और उसके तुरंत बाद बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
यहाँ बजट का शेयर बाजार पर पड़े असर का विस्तृत विवरण है:
1. मुख्य सूचकांकों का हाल (Market Indices)
बजट के दौरान बाजार में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे निवेशकों के करीब ₹6 लाख करोड़ स्वाहा हो गए:
Sensex: लगभग 1,100 से 1,600 अंकों तक लुढ़क गया और 81,100 के स्तर के आसपास ट्रेड करता दिखा।
Nifty 50: इसमें भी 500 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई और यह 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया।
Volatility Index (VIX): बाजार में घबराहट को दर्शाने वाला इंडिया VIX इंडेक्स 14% से ज्यादा उछल गया, जो भारी अस्थिरता का संकेत है।
2. गिरावट की सबसे बड़ी वजह: STT में बढ़ोतरी
बाजार के गिरने का सबसे प्रमुख कारण डेरिवेटिव्स (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) का बढ़ाया जाना रहा:
Futures: इस पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% करने का प्रस्ताव दिया गया है।
Options: ऑप्शंस प्रीमियम पर STT को 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।
इस फैसले से ट्रेडर्स की लागत बढ़ जाएगी, जिसके चलते बाजार ने इसे नकारात्मक रूप में लिया और मुनाफावसूली शुरू हो गई।
4. अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): सरकार ने FY27 के लिए इसे 4.3% रखने का लक्ष्य रखा है, जो वित्तीय अनुशासन की दृष्टि से अच्छा संकेत है।
कैपेक्स (Capex): इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है, जो लंबी अवधि के लिए बाजार के लिए फायदेमंद हो सकता है।
सोना और चांदी: इनके वायदा भाव (Futures) में लगभग 6% की भारी गिरावट देखी गई, जिसका असर संबंधित ज्वेलरी शेयरों पर भी पड़ा।
निष्कर्ष:
बजट में विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर तो जोर दिया गया है, लेकिन ट्रेडर्स के लिए STT में बढ़ोतरी एक बड़ा झटका साबित हुई। बाजार ने फिलहाल टैक्स संबंधी बदलावों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि लॉन्ग टर्म में कैपेक्स और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस बाजार को स्थिरता दे सकता है।

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